न्यूजीलैंड की धरती पर बिखेरे उत्तराखंड की संस्कृति के रंग

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हर साल की तरह इस साल भी न्यूजीलैंड की धरती पर बाडुली ने धमाल मचाया। उत्तराखंड की संस्कृति को विदेशी धरती पर पहुंचाने के साथ ही बाडुली ने अपने पहाड़ों से जुड़े रहने का संदेश भी दिया।

आपको बता दें कि अपनी उत्तराखंड से जुड़े रहने के उद्देश्य से न्यूज़ीलैंड में रहने वाले उत्तराखंड मूल के लोगों ने उत्तराखंड एसोसिएशन ऑफ़ न्यूज़ीलैंड Uttarakhand Association of New Zealand (UANZ) के नाम से संस्था बनाई है। यह संस्था न्यूजीलैंड में एक चेरिटेबल संस्था के रूप में पंजीकृत है। न्यूजीलैंड में रहने वाले सभी उत्तराखंड मूल के लोगों को एक साथ लाकर, सदस्यों और उनके बच्चों के बीच उत्तराखण्ड की समृद्ध विरासत, गीत-संगीत और तीज-त्यौहारों को जीवन्त रखना इस टीम का उद्देश्य है।

पिछले तीन सालों से UANZ न्यूजीलैंड में उत्तराखण्ड की संस्कृति को समर्पित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इस साल भी 16 अप्रैल 2017 (रविवार) को ऑकलैंड शहर के एवोन्डेल कॉलेज (Avondale College, Auckland) में पूरे न्यूज़ीलैंड से उत्तराखंड मूल के लोगों ने ‘बाडुली 2017’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। UANZ के आमंन्त्रण पर इस साल भारत से उत्तराखंड के प्रसिद्ध कलाकारों की टीम इस कार्यक्रम में पहुंची और लोगों को अपने गीतों से मंत्रमुग्ध कर दिया।

उत्तराखण्ड से इस कार्यक्रम के लिए न्यूजीलैंड आये हुए प्रसिद्ध गायकों और संगीतकारों की टीम में माया उपाध्याय, वीरेंद्र नेगी, मंगलेश डबराल, राकेश भारद्वाज और हास्य कलाकार कृष्णा बगौट आदि शामिल थे।

‘बाडुली 2017’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वेलिंगटन, ड्यूनेडीन, हैमिलटन शहरों के साथ साथ न्यूजीलैंड के सभी हिस्सों से उत्तराखंड मूल के लगभग 400 लोग अपने परिवार सहित शामिल हुए। साथ ही ऑकलैंड के स्थानीय लोगों ने भी इस कार्यक्रम में शामिल होकर भारत और खासकर उत्तराखण्ड की संस्कृति को नजदीक से देखा।

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