हादसे के बाद चेता परिवहन निगम, बस संचालन शुरू

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  • उत्तराखंड-हिमाचल बार्डर पर चकराता-त्यूणी में 21 अप्रैल से होगा रोडवेज बसों का संचालन
  • बीते रोज हुए बस हादसे में 45 लोगों के जान गंवाने के बाद हरकत में आया परिवहन निगम
  • लाखों की आबादी वाले इस क्षेत्र में अभी तक इस रूट पर चलती है महज एक बस

देहरादून: इसे कहते हैं देर आयत दुरूस्त आयत। जब गुरूवार को भीषण सड़क हादसा हुआ तब जाकर अचेतावस्था में पड़े परिवहन विभाग की तंद्रा टूटी। इस हादसे में 45 लोगों की जानें चली गई। घटना के बाद एकाएक नींद से जागे परिवहन निगम ने हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर रोडवेज बसों के संचालन को हरी झंडी दी है। शुक्रवार 21 अप्रैल से चकराता रूट पर रोडवेज बस चलेंगी। दरअसल हादसे का कारण ओवरलोडिंग बताया जा रहा है। यूं तो जौनसार बावर क्षेत्र में बसों की कमी से रोजाना लोग जान जोखिम में डालकर भारी संख्या में वाहनों के अंदर और क्षतों पर सफर करने को मजबूर हैं। क्षेत्रवासी लंबे समय से सरकार से बसों के संचालन की मांग करते आ रहे है।

बीते रोज सवारियों से ऊपर नीचे खचाखच भरी बस के हिमाचल-उत्तराखंड के बॉर्डर पर त्यूणी के पास दुर्घटना ग्रस्त होने से बड़ा हादसा हो गया। ओवरलोडेड बस सीधे यमुना नदी में जा गिरी, जिसमें 45 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इतना बड़े हादसे से पूरे क्षेत्र में कोहराम चा हुआ है। हादसे के बाद परिवहन विभाग की तंद्रा भी टूटी। नींद से जागे रोडवेज प्रशासन ने एकाएक निर्णय लिया है कि अब चकराता रुट पर बस सेवा को बढ़ाया जाएगा। शुक्रवार 21 अप्रैल से परिवहन आयुक्त एनएस नपल्याल ने बस चलाने के दिए निर्देश दिए।
यह भी बता दें कि अभी तक इस रुट सिर्फ एक बस चलती थी।

दरअसल जौनसार क्षेत्र का विकासनगर-चकराता और त्यूनी हिमाचल मोटर मार्ग एक मात्र आवाजाही का साधन है। रोडवेज बसों के संचालन न होने से लोगों को यूटिलिटी में ओवर लोडिंग करके यातायात करना पड़ता है। एक-एक यूटिलिटी पर 25 से 30 लोग ठूंस-ठूंस कर भरे जाते हैं। खास बात यह है कि लाखों की आवादी वाले क्षेत्र में रोडवेज की बसों का टोटा है। ऐसा नहीं यह हादसा पहली बार हुआ है। इससे पहले भी छोटे बड़े वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते रहे हैं, लेकिन कभी इस ओर सरकार का ध्यान नहीं गया। अब जब इतना बड़ा भीषण हादसा हुआ, तब जाकर परिवहन निगम नींद से जागा है।

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