त्यूणी बस हादसा : बोरियों में भरकर निकाले गए शव

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उत्तराखंड हिमाचल सीमा पर हुए दर्दनाक बस हादसे ने उत्तराखंड और हिमाचल दोनों की आपदा प्रबंधन की पोल खोल कर रख दी है। हालत ये थी कि लाशों को निकालने के लिए स्ट्रेचर तक नहीं थे। किसी तरह बोरियों पर लाशों को बांध कर सड़क तक पहुंचाया गया।

गौरतलब है कि बुधवार सुबह विकासनगर से त्यूणी जा रही बस टौंस नदी में जा गिरी। जिसमें 45 लोगों की मौत हो गई।

इस भीषण हादसे के बाद बिना संसाधन के मौके पर पहुंची हिमाचल और उत्तराखंड पुलिस के पास शव को निकालने के लिए मौके पर स्ट्रेचर तक की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में शवों को किसी तरह बोरियों और रस्सों के सहारे निकाला गया। यही वजह रही कि शाम पांच बजे तक मात्र तीन शवों को ही निकाला जा सका था।

राहत एवं बचाव कार्य के लिए दून से एसडीआरएफ की टीम बुलानी पड़ी। रेस्क्यू ऑपरेशन में दोनों ही राज्यों के लोगों ने भी सहयोग किया। दुर्घटना की खबर लगने पर सबसे पहले नेरूवा पुलिस मौके पर पहुंची।

करीब 800 मीटर नीचे टोंस में गिरी बस को देख पुलिस कर्मियों के होश उड़ गए। बस के परखच्चे उड़े हुए थे। संसाधन के बिना पुलिस कर्मी लाचार नजर आई। नीचे खाई में उतरने के लिए रास्ता नहीं था।

ऐसे में पुलिस कर्मियों ने लोगों की मदद से झाड़ियां काट कर किसी तरह नदी तक पहुंचाने का रास्ता बनाया। नदी तक पुलिस कर्मी और ग्रामीण पगडंडियों पर करीब ढाई से तीन किमी की पैदल दूरी नाप कर पहुंचे।

यहां जहां-तहां लाशे बिखरी पड़ी देख उनके रोंगटे खड़े हो गए। बमुश्किल शवों की पहचान की जा सकी।

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