मोदी को लिखी एक चिट्ठी ने बदल दी उत्तराखंंड के इस गांव की तकदीर

0
30874
मोदी को लिखी एक चिट्ठी ने बदल दी उत्तराखंंड के इस गांव की तकदीर
मोदी को लिखी एक चिट्ठी ने बदल दी उत्तराखंंड के इस गांव की तकदीर

देहरादून : राजधानी देहरादून के सचिवालय से महज 20 किलोमीटर दूर बसे एक गांव को प्रधानमंत्री ऐसे गांव में तब्दील करने जा रहे हैं जिसकी उत्तराखंड में अब तक किसी ने कल्पना नहीं की होगी। इस गांव में रहने वाले समाजसेवी अजय कुमार की एक चिट्टी का असर ऐसा हुआ की जल्द ही गांव में नेशनल ऑप्टिकल फाइवर नेटवर्क लाइन डलने जा रही है।

इस गांव को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़ा जाएगा इसके अलावा स्कूली छात्रों के लिए 5 लाख किताबों वाली ई-लाइब्रेरी भी होंगी। दरअसल, अपने गांव को आदर्श और हाईटेक बनाने के लिए समाजसेवी अजय कुमार ने जून महीने में पीएम को एक पत्र लिखा था।

क्या लिखा था पत्र में

सेवा में प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी, मैं 26 साल का हूं और छात्र जीवन से अपने गांव में मूलभूत समस्या को दूर करने के लिए संघर्ष कर रहा हूं। मैं चाहता हूं की मेरे गांव में निम्न योजनाएं खोली जाएं।

इस मांग में अजय ने पीएम से कहा था कि गांव में सीएससी केंद्र बनाया जाये, ई-ग्राम बनाया जाये, नेशनल ऑप्टिकल फाइवर नेटवर्क से जोड़ा जाये, 100 प्रतिशत इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा, ई-क्लास के साथ साथ कई और मांग की थी जो डिजिटल इंडिया से जुडी हुई थी।

पीएम ने स्वीकार किया पत्र

जून माह में लिखे इस पत्र के बाद गुरुवार को अजय कुमार और उत्तराखंड सरकार को प्रधानमंत्री कार्यालय से पत्र भेजा गया है। पत्र में अजय की मांग को स्वीकार करते हुए काम को जल्द पूरा करने का वादा भी किया गया है।

पीएमओ ने कहा है कि दुधली गांव को जल्द ही नेशनल ऑप्टिकल फाइवर नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है इसके साथ ही ई-लाइब्रेरी भी जल्द लगायी जायेगी।

क्या है नेशनल ऑप्टिकल फाइवर नेटवर्क

एनओएफएन 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में से प्रत्येक जीपी के लिए न्यूनतम 100 एमबीपीएस का एक बैंडविड्थ प्रदान करेगा जिससे ग्रामीण भारत में ई-प्रशासन, ई-स्वास्थ्य, ई-शिक्षा, ई-बैंकिंग, सार्वजनिक इंटरनेट अभिगमन, मौसम, कृषि और अन्य सेवाओं की सुविधा संभव होगी। प्रचालन और रखरखाव की गतिविधियों, बीपीओ सेवाओं, ग्रामीण उद्यमिता आदि के माध्यम से यह परियोजना एक भारी रोजगार सृजन का अवसर भी हासिल करना चाहती है।

क्या है ई-लाइब्रेरी

स्कूलों में कंप्यूटर लगाये जायेंगे बस्तों का बोझ कम हो जायेगा और एक क्लिक पर ही बच्चे लगभग 5 लाख किताबे पढ़ सकेंगे। इन सुविधा के आने से गांव के लोगों को बैंक से पैसे निकालने के लिए, जाति, आयु, आय, जन्म एवं मत्यु प्रमाण पत्र बिजली पानी जैसे बिल सब गांव भरे जा सकेंगे और बन जाएंगे।

Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here