इंदिरा हृदयेश बनीं नेता प्रतिपक्ष

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_ कांग्रेस विधायक मण्डल दल की बैठक में सर्वसम्मित से हुआ चयन

_ करना माहरा विधायक मण्डल दल के उप नेता व ममता राकेश को चीफ व्हिप की जिम्मेदारी

देहरादून। लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार इंदिरा हृदयेश को कांग्रेस विधायक मण्डल दल का नेता चुन लिया गया। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अम्बिका सोना व चुनाव प्रभारी कुमारी शैलजा, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की मौजूदगी में आयोजित हुई कांग्रेस विधानमण्डल दल की बैठक में इंदिरा हृदयेश को नेता चुना गया। इसके अलावा विधायक करन माहरा को विधायक दल का उप नेता और विधायक ममता राकेश को चीफ व्हिप की जिम्मेदारी सौंपी गई।

समस्त विरोधों को दरकिनार करते हुए कांग्रेस ने वरिष्ठ नेत्री और पूर्व वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश को उत्तराखंड विधानसभा में अपने विधायक मण्डल दल का नेता चुन लिया है। इस तरह नेता प्रतिपक्ष को लेकर पिछले एक सप्ताह से कांग्रेस के अंदर चल रही गहमागहमी भी खत्म हो गई है। रविवार को उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की अध्यक्षता एवं उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अम्बिका सोनी सांसद, शैलजा कुमारी सासंद. पूर्व मुख्यमंत्री हरी्रश रावत, सह प्रभारी संजय कपूर की उपस्थित में नव निर्वाचित विधायकगणों की एक आवश्यक बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें सर्वसम्मिति से डा़  इन्दिरा हृदयेश को नेता कांग्रेस विधानमण्डल दल,  करन मेहरा विधायक रानीखेत को उपनेता कांग्रेस विधानमण्डल दल एवं ममता राकेश मुख्य सचेतक कांग्रेस विधानमण्डल दल चुना गया। तीनों नेताओं के चयन की घोषणा उत्तराखण्ड कांग्रेस कमेटी की प्रभारी व एआईसीसी की महामंत्री अम्बिका सोनी ने की। इस अवसर पर कांग्रेस विधानमण्डल दल के सभी सदस्य उपस्थित रहे। कांग्रेस विधानमण्डल के पदाधिकारियों के चुने जाने पर प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि डा़ इन्दिरा हृदयेश के अनुभवों का लाभ निश्चित रूप से कांग्रेस पार्टी को मिलेगा और डा़ हृदयेश सशक्त प्रतिपक्ष की भूमिका निभाते हुए भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ  सदन में और सदन के बाहर अपनी आवाज बुलन्दी से उठाते हुए जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करेंगी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी कांग्रेस विधानमण्डल दल के नव निर्वाचित नेताओं को बधाई एवं शुभकामनायें दी है।

इंदिरा के नाम पर सहमति बनाने में छूटे पसीने

देहरादून। कांग्रेस विधानमण्डल दल की बैठक में दल के नेता के चयन को लेकर काफी गहमागहमी रही। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और पीसीसी चीफ किशोर उपाध्याय भी हृदयेश के नाम पर पहले सहमत नहीं थे। वरिष्ठता और अनुभव के लिहाज से भले ही इंदिरा हृदयेश नेता प्रतिपक्ष पद के लिए योग्य उम्मीदवार थीं परंतु कांग्रेस के अंदर उनके नाम पर सहमति नहीं बन रही थी। सूत्रों का कहना  है कि व्यक्तिगत कारणों से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय प्रीतम सिंह को और पूर्व सीएम हरीश रावत गोविंद सिंह कुंजवाल को इस पद पर आसीन करना चाहते थे। हालांकि केन्द्रीय पर्यवेक्षकों के समझाने-बुझाने से अंत में इंदिरा हृदयेश के नाम पर मुहर लग गई।

 

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