उत्तराखंड के इन तीन जिलों में कल से नहीं बिकेगी शराब

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हाईकोर्ट के आदेश के बाद चारधाम के तीन जिलों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में कल से शराब पर प्रतिबंध लग जाएगा। सरकार ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिए हैं। हालांकि आबकारी महकमे ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है, जिस पर आज सुनवाई हो सकती है।

आबकारी आयुक्त युगल किशोर पंत ने सभी जिला आबकारी अधिकारियों को इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। निर्देश के अनुसार सरकार ने एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक को पुरानी आबकारी नीति को जारी रखा है। सुप्रीम कोर्ट के ठेके और बार को हाईवे से 500 मीटर दूर रखने और हाईकोर्ट के चमोली, रुद्रप्रयाग व उत्तरकाशी में शराबबंदी के आदेशों का पालन किया जाएगा। एक माह के लिए शराब की दुकानें पुरानी नीति के तहत खोलने को सरकार ने कुछ शर्तें भी दी हैं।

राजस्व नुकसान कम करने को हाईवे की जद में आने वाली दुकानों से गतवर्ष के राजस्व का पांच फीसदी ज्यादा लिया जाएगा। जद में ना आने वालों से 25 फीसदी ज्यादा राजस्व वसूला जाएगा। अपर आबकारी आयुक्त टीके पंत ने बताया कि हाईवे की जद में आने वाली दुकानें अगर 500 मीटर के दायरे के बाहर खुलती हैं तो 5 प्रतिशत बढ़ा हुआ राजस्व देना होगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निगाह

सुप्रीम कोर्ट के ठेके हाईवे से पांच सौ मीटर दूर होने, हाईकोर्ट के तीन जिलों में शराब बंदी और हाईवे से ठेकों की दूरी एक किलोमीटर होने के मामले में अब राज्य सरकार और आबकारी विभाग की निगाहें सु्प्रीम कोर्ट पर हैं। इन मामलों में सुप्रीम कोर्ट में फैसला होना है। उसके बाद ही सरकार आगे की योजना बना पाएगी।

दिसंबर में दिए थे हाईकोर्ट ने आदेश

दिसंबर 2016 में हाईकोर्ट ने एक रिट पर राज्य सरकार को चारधाम के जिलों में शराब प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए थे। विभाग को यदि सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली तो एक अप्रैल से तीनों जिलों में शराब की बिक्री बंद हो जाएगी। एक अफसर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से पक्ष में फैसला न आने पर हाईकोर्ट के आदेश का मानना बाध्यकारी होगा। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने भी अप्रैल से नेशनल व स्टेट हाईवे से 500 मीटर की दूरी पर शराब की दुकानें खोलने के आदेश दिए हैं। राज्य में इसकी जद में 423 दुकानें आ रही हैं। इन्हें शिफ्ट करना भी प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

33 करोड़ का नुकसान

तीनों जिलों में शराब पर प्रतिबंध के चलते सरकार को करीब 33 करोड़ राजस्व का नुकसान होगा। इसकी भरपाई के लिए कड़ी मशक्कत करना होगा। उधर, इन जिलों में शराब बंदी की तिथि नजदीक आते ही इन दिनों दुकानों में खपत बढ़ गई है। माना जा रहा है कि शौकीन शराब का स्टोरेज करने लगे हैं।

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