अभी मानवेन्द्र और विकास की चिता की आग ठंड़ी भी नहीं हुई थी कि एक और सपूत शहीद हो गया है

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अभी मानवेन्द्र और विकास की चिता की आग ठंड़ी भी नहीं हुई थी कि एक और सपूत शहीद हो गया है

रुद्रप्रयाग के कविल्ठा निवासी शहीद मानवेन्द्र और ऋषिकेश निवासी विकास गुरूंग की चिता की आग अभी ठण्डी भी नहीं हुई थी कि जनपद के एक ओर लाल के शहीद होने की खबर से पूरे प्रदेश में  शोक की लहर दौड़ पड़ी। अभी पांच दिन पूर्व जम्मू कश्मीर में कालीमठ घाटी के कोटमा गांव का जवान मानवेन्द्र शहीद हुआ था। कल ही मानवेंद्र को पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई दी थी कि ऋषिकेश के विकास गुरुंग की भी शहीद होने की खबर आ गई। आज विकास गुरूंग के पार्थिव शरीर को पंचतत्व में विलीन किया और आज ही एक ही और शहादत की खबर आ गई।

इस बार खबर सूदूर उत्तरपूर्व नागालैण्ड से आई, जहां रविवार को नागालैण्ड के मोन जिले में संदिग्ध नगा विद्रोहियों के हमले में 40वीं असम राइफल के जवान फतेह सिंह नेगी (48) शहीद हो गये। फते सिंह नेगी जनपद के अगस्त्यमुनि ब्लाॅक के बाड़व गांव के रहने वाले थे।

गांव के लाल के नागालैण्ड में शहीद होने की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, पूरा गांव शोक में डूब गया। वहीं शहीद के परिजनों पर तो दुःख का पूरा पहाड़ ही टूट पड़ा। उनका रो-रो कर बुरा हाल है।

शहीद के घर में उनकी पत्नी रीना देवी (42) और दो लड़कियां एवं एक लड़का है। बड़ी लड़की की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी लड़की की वे सगाई कर चुके थे। घर में शादी की तैयारियां चल रही थी कि पिता की मौत की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया। उनका एकमात्र पुत्र श्रीनगर गढ़वाल से पाॅलीटेक्निक कर रहा है। बाड़व के प्रधान विजय एवं पूर्व प्रधान शत्रुघ्न नेगी ने बताया कि फते सिंह बहुत ही मिलनसार व्यक्ति था।

शहीद के पार्थिव शरीर का मंगलवार तक गांव में पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद उनका सैन्य सम्मान के साथ अन्तिम संस्कार किया जायेगा।

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