यहां भरी दोपहरी में भी जंगलों की आग बुझा रही हैं महिलाएं

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आग

साभार : गजेन्द्र कुमार पाठक के फेसबुक पेज से…

भरी दोपहरी में जब आदमी कमरे के अंदर भी गरमी से राहत पाने के लिए पंखे या एअरकंडिशनर का सहारा लेता है ,जंगल में आग बुझाने के मुश्किल काम के लिए कम ही लोग निकलेंगे पर जब मन में कुछ करने की इच्छा हो ,अपने जंगलों से वास्तव में प्यार हो तो आदमी पीछे नहीं देखता ।यही किया ग्राम सूरी ,विकासखंड -ताङीखेत ,जिला अलमोड़ा की एक दर्जन से अधिक महिलाओं नें जो पर्यावरण संरक्षण की नई कहानी लिख रही हैं ।

जागरूकता के अभाव में मई के महीने में ओण जलाने की लापरवाही से आरंभ हुई आग जब हवा की लपटों का सहारा पाकर पेङो की चोटियों को छूती हुई 21फीट चौङी सङक को पार कर वन पंचायत से आरक्षित वन क्षेत्र में प्रवेश कर गई तो सूरी की इन जांबाज महिलाओं नें मोर्चा संभाला ।

किसी भी तरह के सहायक उपकरण के अभाव में केवल दरांती व झांपे के सहारे आग को बुझाने में महिलाओं नें पूरी ताकत लगा दी ।गांव के ही युवा व्यवसायी गणेश परिहार ,मटीला के प्रधान पूरन सिंह ,पूर्व सरपंच चंदन भंडारी व चंदनसिंह,वन रक्षक कुबेर के साथ हम डेढ़ दर्जन लोगों नें पूरे डेढ़ घंटों तक आग पर काबू करने की कोशिश की ।

एक बार तो आग पर काबू कर चुके थे परंतु हवा की तेज़ लपटें आग को हमारे नियंत्रण से बाहर ले गईं और लगभग 70 डिग्री का कोण बना रही पहाड़ी में आग तेजी से ऊपर को बढ़ गयी ।कुछ ही देर में शीतलाखेत वन चौकी से वन रक्षक आनंद परिहार,श्याम ,बिहारी ,राजन राम ,संजय तथा धामस के पूर्व प्रधान खीम सिंह आदि के साथ एक और दल पहुँच गया ।फिर आग को काबू करने के लिए वन विभाग नें मोर्चा संभाला और देर रात तक सफलता हांसिल कर ली ।

सूरी में ऐसा पहली बार हुआ जब जंगल की आग को बुझाने के लिए महिलाओं को आवाज देकर बुलाया गया “तली मली बाखई वालो जंगल में आग लाग रो ,समूह वाल जाओ आग बुझाओ “आमतौर पर इस तरह की पुकार सामाजिक कार्यों शादी विवाह आदि में ही लगाई जाती है ।हालांकि लगभग 100 परिवारों वाले सूरी गांव से एक दर्जन महिलाओं नें ही “अपने”जंगल को बचाने के लिए बाहर निकलने का साहस दिखाया यदि कुछ और परिवारों नें यह जज्बा दिखाया होता तो आग को पहले ही रोक लिया जाता फिर भी सूरी की महिलाओं को सलाम जिन्होने जंगलों को बचाने में महिलाओं की भूमिका को पुनः रेखांकित किया है ।बेहद कम संसाधनों ,सुविधाओं के बावजूद लगातार 6 घंटों तक मेहनत कर आग को बुझाने वाले वन विभाग के कर्मियों को भी सलाम ।

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