टिहरी झील में हुई ऐतिहासिक कैबिनेट में लिए गए ये अहम फैसले

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उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार कैबिनेट बैठक टिहरी झील के बीचोंबीच बोट में बैठ कर हुई। पर्यटन को बढ़ावा देने का संदेश देने के लिए त्रिवेंद्र सरकार के मंत्रीमंडल की बैठक टिहरी झील में आयोजित की गई। फ्लोटिंग मरीना (तैरते रेस्तरां) में आयोजित कैबिनेट में उत्तराखंड में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने पर मुहर लगाई गई।

टिहरी झील में तैरते रेस्तरां में कैबिनेट के सदस्य राज्य के विकास के मुददों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि बैठक में सूक्ष्म लघु उद्योग और मध्यम उद्योगों को पर्यटन उद्योग का दर्जा देने का प्रस्ताव पारित किया गया।

यही नहीं आयुर्वेद, योगा, होम्योपैथी, साहसिक पर्यटन, ग्लाइडिंग, वाटर खेल, राफ्टिंग को पर्यटन उद्योग का दर्जा देने पर मुहर लगाई गई। इसके अंतर्गत सारी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

यह हैं उत्तराखंड़ के 13 नये पर्यटक स्थल

अल्मोडा में धार्मिक पर्यटन के रूप में कटारमल सूर्य मंदिर

नैनीताल में हिमालय दर्शन के रूप में मुक्तेश्वर

पौड़ी में वाटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में सतपुली और खैरासैंण झील

चमोली में गैरसैंण और भराडीसैंण

देहरादून में धार्मिक पर्यटन के रूप में लाखामंडल महाभारत सर्किट

हरिद्वार में धार्मिक पर्यटन के रूप में 52 शक्ति पीठ

टिहरी में एडवेंटर स्पोर्ट्स के रूप में टिहरी झील

रूद्रप्रयाग में चिरबिटिया

उधमसिंह नगर में गूलरभोज

चम्पावत में सास्कृतिक और धार्मिक पर्यटन के रूप में देवीधुरा पाटी

बागेश्वर में गरूड़ वैली

पिथौरागढ में मोस्टामानू मंदिर

उत्तरकाशी में मोरी हरकीदून

सरकारी सूत्रों के अनुसार टिहरी झील में कैबिनेट की बैठक करने के पीछे सरकार को मंतव्य देश-दुनिया के लोगों को पर्यटन के लिए यहां आने का संदेश देना है। सरकार का मानना है कि टिहरी झील किसी परिचय की मोहताज नहीं है, लेकिन पर्यटन मानचित्र पर अभी इसे स्थान दिलाना बाकी है। इसके लिए खास प्रयास किए जा रहे हैं।

वैसे तो फ्लोटिंग मरीना की क्षमता 80 लोगों की है, लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते केवल 25 लोग ही इसमें सवार हुए। टिहरी झील में बार्ज बोट और कुछ अन्य नावें भी फ्लोटिंग मरीना के साथ-साथ चल रही थी।

 

 

 

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