उत्तराखंड में कांग्रेसी नेता के भाई ने पत्रकार की पत्नी को दी जान से मारने की धमकी, सीसीटीवी में कैद हुई घटना

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एक तरफ जहां कांग्रेस महिलाओं के सम्मान की बात करती हैं, महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताती हैं, वहीं दूसरी तरफ एक कांग्रेसी नेता के भाई ने खुलेआम एक महिला को जान से मारने की धमकी दी है। वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि महिला के रिपोर्टर पति ने उसके अवैध व्यवसाय के बारे में आरटीआई के तहत जानकारी मांगी हैं।

जी हां, उत्तराखंड के भूतपूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के भाई और बिल्डर सचिन उपाध्याय ने दैनिक उत्तराखंड के एक खोजी रिपोर्टर के घर जाकर उसकी पत्नी को जान से मारने की धमकी दी हैं, जिससे रिपोर्टर की पत्नी काफी डरी हुई हैं। फिलहाल रिपोर्टर ने इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई हैं।

रिपोर्टर ने कुछ दिन पहले प्रदेश की अस्थाई राजधानी देहरादून में कुछ गैर कानूनी ढ़ग से चल रहे व्यवसाय के बारे में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी, जब आरटीआई के जवाब आए तो बिल्डर सचिन उपाध्याय के अवैध कारोबार का सच सामने आया। इस आरटीआई के बारे में जैसे ही सचिन उपाध्याय को पता चला, वह गुंडागर्दी  पर आ उतरे और रिपोर्टर के घर जाकर उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी दी। अब इसे रिपोर्टर की खुशकिस्मती समझे कि घर के बाहर सड़क पर एक सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था, जिसमें ये सारी घटना रिकॉर्ड हो गई हैं।

यहां देखें सीसीटीवी फुटेज, जिसमें सचिन उपाध्याय ने रिपोर्टर के घर जाकर धमकी दी।

गौरतलब है कि दैनिक उत्तराखंड हमेशा से ही सच से पर्दा उठाता रहा है। ऐसे ही काले कारोबार का पर्दाफाश करने के लिए हमारे खोजी रिपोर्टर सूचना विभाग से जानकारियां जुटा रहे थे।

दरअसल देहारादून के राजपुर रोड़ पर 2006 से “The World Integrity Center, India (WIC)”  नाम से एक क्लब चल रहा है। इस कल्ब में ना सिर्फ एमडीडीए के नाक की नीचे अवैध निर्माण हुआ है बल्कि इस क्लब की लाइफटाइम मेंबरशिप लेने वाले 1300 लोगों के साथ भी धोखा हुआ है।

2006 से संचालित इस क्लब में 1300 लोगों ने दो लाख से लेकर पांच लाख रुपए में लाइफटाइम मेंबरशिप ली है। लेकिन सच ये हैं कि क्लब की यह जमीन सिर्फ 2020 तक ही लीज पर मिली है और इसके बाद लीज को आगे बढ़ाने की संभावना भी कम हैं। ऐसे में उन 1300 लोगों के साथ सीधे – सीधे धोखाधड़ी हैं, जिन्होंने  लाखों रुपए में इस क्लब की मेंबरशिप ले रखी हैं।

मसूरी – देहरादून विकास प्राधिकरण के नियमों की उड़ाई धज्जियां

देहरादून नगर निगम, मसूरी – देहरादून विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों से सूचना के अधिकार द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह क्लब पूरी तरह से गैर – कानूनी तरीके से संचालित किया जा रहा है और इस क्लब को अग्निशमन और पर्यावरण विभाग से एनओसी भी नहीं मिली है। इस आरटीआई में सचिन उपाध्याय द्वारा एक सरकारी जमीन पर कब्जे करने की बात भी पूछी गई थी, जिस पर जवाब दिया गया कि मसूरी – देहरादून विकास प्राधिकरण को इस बात की कोई जानकारी नहीं है।

हैरान कर देने वाली बात ये हैं कि प्रदेश के कई आला – अधिकारी इस क्लब में आते – जाते रहते हैं लेकिन कभी भी किसी ने इनके अवैध निर्माण कार्य और गैर – कानूनी तरीके से संचालित होने पर ना गौर नहीं किया और ना ही कभी इस पर सवाल उठाए गए। लिहाजा 2006 से लेकर अभी तक यह क्लब मसूरी – देहरादून प्राधिकरण के नियमों की धज्जियां उड़ाकर खूब पैसा बनाने में लगा हुआ है, हालांकि 2009 – 10 में इस क्लब को अवैध करार देकर सील यानी की बंद करने के निर्देश मिले थे लेकिन 2012 में कांग्रेस की सरकार आ जाने के बाद इसे फिर से शुरू कर दिया गया।

अब जब विभिन्न विभागों के तहत इस अवैध क्लब के बारे में हमारे रिपोर्टर ने जानकारी हासिल करनी चाही तो बौखलाए सचिन उपाध्याय ने रिपोर्टर की पत्नी को जान से मारने की धमकी दी है।

अब सवाल ये भी है कि जहां मसूरी – देहरादून प्राधिकरण गरीबों की अवैध बस्तियों को तोड़ने में थोड़ा भी संकोच नहीं होता है और छोटे – छोटे व्यपारी या गरीब लोगों की बस्ती को चंद मिनटों में तोड़ दिया जाता है, वहीं रियाहशी इलाके में चलने वाले इतने बड़े क्लब के बारे में एमडीडीए को कैसे पता नहीं चला और क्यों पिछले 12 सालों से कोई कार्यवाही नहीं हुई हैं। शासन – प्रशासन की इस अवैध निर्माण पर चुप्पी और क्लब के मालिक सचिन उपाध्याय का इस तरह से रिपोर्टर की पत्नी को धमकी देना कहीं ना कहीं मिलीभगत लगती हैं।

गौरतलब है कि सचिन उपाध्याय और उनकी पत्नी पर दिल्ली और देहरादून में धोखाधड़ी और जमीन कब्जाने के कई मामले दर्ज है लेकिन अपनी ऊंची पहुंच होने के कारण अभी तक इन दोनों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई हैं। सचिन उपाध्याय कथित तौर पर खुद को राहुल गांधी की जीएसटी काउंसलिंग टीम का सदस्य भी बताता है।

बहरहाल रिपोर्टर की पत्नी को जान से मारने की धमकी देने के बाद सचिन उपाध्याय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई हैं, लेकिन जैसे कि आज तक सचिन उपाध्याय पर कोई कार्यवाही नहीं हुई, ऐसे में संभावना है कि शायद इस बार भी पुलिस – प्रशासन मामले की दबाने की कोशिश करें लेकिन दैनिक उत्तराखंड हमेशा सच से पर्दा उठाता आया है और आगे भी यह प्रयास जारी रहेगा।

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