प्रदेश के 80 हजार कर्मचारी कल रहेंगे हड़ताल पर

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सातवें वेतन आयोग का लाभ न मिलने से नाराज प्रदेश के अलग-अलग निगमों, निकायों, प्राधिकरणों तथा जिला पंचायतों के लगभग 80 हजार कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर रहेंगे। इसके चलते तमाम आवश्यक सेवाएं प्रभावित होनी तय है। हड़ताल का सबसे ज्यादा प्रभाव परिवहन और पेयजल सेवा पर पड़ेगा। हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों के महासंघ ने एक दिनी हड़ताल को अनिश्चितकाल तक के लिए बढ़ाने की चेतावनी दी है।

बीते रोज देहरादून स्थित यूनियन कार्यालय में कर्मचारी महासंघ की बैठक हुई जिसमें हड़ताल और आंदोलन को लेकर रणनीति बनाई गई। कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष संतोष रावत ने कहा कि तीन दिन पहले 15 सितंबर को प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ महासंघ की वार्ता विफल हो जाने के बाद हड़ताल पर जाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं रह गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य निगम, निकाय, जल संस्थान, विकास प्राधिकरण, जिला पंचायत, पेयजल निगम, वन विकास निगम, जीएमवीएन व केएमवीएन, रोडवेज इंप्लाइज यूनियन तथा बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम के कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सातवें वेतनमान के मसले पर समय सरहे उचित निर्णय नहीं लेगी तो कर्मचारी हड़ताल को अनिश्चितकाल तक के लिए बढ़ाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

यूनियन के महामंत्री रवि पचौरी ने कहा कि सरकार द्वारा गठित हाई पावर कमेटी में जल संस्थान को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने की संस्तुति पहले ही हो चुकी है मगर इसके बावजूद अभी सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष रविंद्र भगत ने कहा कि परिवहन निगम का प्रस्ताव तीन सितंबर से शासन में लंबित है लेकिन जानबूझकर इस पर कोई फैसला नहीं किया जा रहा है। निकाय कर्मचारी महासंघ के महासचिव महावीर सिंह राणा ने कहा कि नगर निगम, पालिका और परिषद के प्रस्ताव एक महीने से लंबित हैं।

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