हिमालय संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री का थ्री ‘सी’ और थ्री ‘पी’ फार्मूला

0
183
हिमालय दिवस के अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत

हिमालय के संरक्षण के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने थ्री ‘सी’ और थ्री ‘पी’ का  फार्मूला सुझाया है। बीते रोज देहरादून में हिमालय दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि थ्री सी यानी केयर, कंजर्व और को-ऑपरेट तथा थ्री पी यानी प्लान, प्रोड्यूस और प्रमोट के जरिए हिमालय को बचाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हिमालय संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा गंगा की परिकल्पना हिमालय के बिना नहीं हो सकती। हिमालय को सामरिक दृष्टि से भारत की ढाल बताते हुए उन्होंने कहा कि हिमालय हमारे जीवन के हर सरोकार से जुड़ा है।  मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि हिमालय की चिंता सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि समूचे समाज की है।

इस अवसर पर उन्होंने यह घोषणा भी की कि प्रदेश में ईको टॉस्क फोर्स की दो कंपनियां बनाई जाएगी। इन कंपनियों में 200 पूर्व सैनिकों को भर्ती किया जाएगा। ये टास्क फोर्स वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों को अंजाम देंगी।

इस अवसर पर उपस्थित पर्यावरणविद पद्मश्री अनिल जोशी ने कहा कि हिमालय के संरक्षण के लिए सामूहिक सोच की जरूरत है।  उन्होंने कहा कि हिमालय की संपदा का उपभोग करने वाले राज्यों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। इस अवसर पर मौजूद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा वर्तमान में हरिद्वार के सांसद  डाक्टर रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने कार्यकाल के दौरान गठित ‘हिमनद प्राधिकरण’ को फिर जिंदा करने की पैरवी की।

Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here