बदरी-केदार मंदिर समिति  प्रकरण : अब हाईकोर्ट की डबल बेंच में जाएगी सरकार

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नैनीताल उच्च न्यायालय

बदरी-केदार मंदिर समिति को भंग करने के फैसले को लेकर दो बार हाईकोर्ट से पटखनी खा चुकी प्रदेश सरकार एक बार फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है। सरकार अब इस मुद्दे को हाईकोर्ट की डबल बेंच में चुनौती देगी। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दी। शुक्रवार को जनता दरबार कार्यक्रम में पहुंचे महाराज ने कहा कि इस मामले में सरकार की तरफ से हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में मजबूत पौरवी नहीं की गई, जिसके चलते फैसला सरकार के खिलाफ गया।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही नैनीताल हाईकोर्ट ने बदरी केदार मंदिर समिति को भंग करने के प्रदेश सरकार के फैसले को दूसरी बार खारिज कर दिया था। बदरी केदार मंदिर समिति की मौजूदा कार्यकारिणी में अध्यक्ष समेत अधिकतर सदस्य पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नियुक्त हुए थे। यही वजह है कि नई सरकार ने आते ही एक अप्रैल 2017 को इस समिति को भंग कर दिया था।

राज्य सरकार द्वारा मंदिर समिति को भंग किए जाने के फैसले के खिलाफ समिति के सदस्यों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खखखटाया था। हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को निरस्त करते हुए मंदिर समिति को बहाल कर दिया था। तब हाईकोर्ट का कहना था कि सरकार ने समिति को भंग करने का कोई कारण स्पष्ट नहीं किया है। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के बाद सरकार ने कुछ कारणों का जिक्र करते हुए एक बार फिर से बदरी केदार मंदिर समिति को भंग कर दिया था।

सरकार के इस फैसले से नाराज मंदिर समिति के सदस्यों ने फिर से हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सरकार के फैसले को फिर से निरस्त कर दिया। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायपूर्ति सुधांशु धूलिया ने सरकार को निर्देश दिया कि वह मंदिर समिति के एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए उचित निर्णय ले। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट से दो बार पटखनी मिलने के चलते प्रदेश सरकार की खासी किरकिरी हो रही है। ऐसे में यह तय माना जा रहा था कि सरकार इस फैसले को डबल बेंच में चुनौती देगी।

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