दलित की ‘थाली’ में बिछेगी अमित शाह की ‘सियासी चौसर’

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दलित की थाली में बिछेगी अमित शाह की सियासी चौसर
फाइल फोटो

देशभर में दलित वोटबैंक को साधने में जुटी सत्ताधारी भाजपा उत्तराखंड में भी ‘दलित तुष्टीकरण’ की दिशा में बढने को बेताब है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दो दिनी उत्तराखंड दौरे से इस ‘अभियान’ की शुरुआत होने जा रही है। इसके तहत उत्तराखंड पहुंचने पर अमित शाह को किसी दलित परिवार के घर भोजन करवाये जाने का प्लान तैयार किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि इसके लिए दलित परिवार की तलाश शुरू कर दी गई है। सूत्रों की मानें तो सरकार के साथ ही प्रदेश भाजपा का पूरा तंत्र इस मिशन में जी जान से जुटा हुआ है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इस महीने की 19 तारीख को उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। वे दो दिन तक उत्तराखंड में ही मौजूद रहेंगे। बताया जा रहा है कि इन दौरान शाह प्रदेश भाजपा के लगभग एक हजार बुद्धिजीवियों के साथ संवाद करेंगे। हालांकि अभी इस संवाद कार्यक्रम पर अंतिम मुहर नहीं लगी है।

दो दिन तक उत्तराखंड में रहते हुए अमित शाह सरकार से लेकर संगठन के कामकाज की समीक्षा करेंगे। इन दो दिनों में वे मुख्यमंत्री, कैबिनेट, सभी भाजपा विधायकों तथा पार्टी के उच्च पदाधिकारियों के साथ मंत्रणा करेंगे। शाह के इस दौरे को साल 2019 में होने वाले लोक सभा चुनाव के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस दौरान शाह मौजूदा सांसदों की परफारमेंस के साथ-साथ आम चुनाव के लिए संभावित प्रत्याशियों को लेकर भी चर्चा करेंगे।

इस सबके बीच शाह को दलित परिवार के साथ भोजन करवाने के खासे मायने निकाले जाने शुरू हो गए हैं। माना जा रहा है कि जिस तरह देशभर में भाजपा दलित वोटबैंक को साधने में बहुत हद तक कामयाब हुई है, उससे उत्साहित होकर वह उत्तराखंड में भी दलितों को अपने पाले में लाने मे कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती।

भाजपा अध्यक्ष के पिछले साल भर के देशभर के दौरों की बात की जाए तो प्रदेश के तमाम राज्यों में दलित परिवार के साथ भोजन करने की उनकी कई तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल और राजस्थान से लेकर गुजरात तक जहां-जहां अमित शाह ने इस अवधि में दौरे किए वहृ-वहां उन्होंने दलित परिवार के साथ बैठकर भोजन जरूर किया है। ऐसे में उत्तराखंड में भी यदि वे किसी दलित परिवार के साथ भोजन करते हैं तो इसे दलितों को रुझाने का उपक्रम ही माना जाएगा।

उत्तराखंड की राजनीति में दलित वोटबेंक की बात की जाए तो यह परंपरागत रूप से कांग्रेस और कुछ हद तक बहुजन समाज पार्टी के पक्ष में झुकता रहा आया है। हालांकि इस बार हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को जो प्रचंड जीत मिली, उसे देखते हुए माना जा रहा है कि दलितों ने भी इस बार बाजपा के पक्ष में मत दिया। ऐसे में भाजपा की कोशिश है कि किसी भी तरह से इस बार मिले समर्थन को स्थाई रूप से अपने पक्ष में किया जाए। यही वजह है कि पूरी भाजपा इन दिनों ऐसे दलित परिवार की तलाश में जुटी है जहां पार्टी के सर्वेसर्वा अमित शाह को भोजन कराया जा सके।

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