पुरोहितों के विरोध के चलते रुका केदारनाथ सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य

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केदारनाथ मंदिर के ठीक सामने दीवार निर्माण का कार्य बहुत दिनों से चल रहा है लेकिन अब यह कार्य रोक दिया गया है. यह निमार्ण कार्य एएसआइ (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग) द्वारा किया जा रहा था. यह कार्य निर्माण तीर्थ पुरोहितों के विरोध के चलते रोक दिया गया है. दरअसल, तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि इस दीवार से मंदिर की सुंदरता पर असर पड़ेगा. मंगलवार को बाबा के दर्शनों को केदारनाथ पहुंची केंद्रीय पर्यटन सचिव रश्मि वर्मा से भी उन्होंने इस संबंध में शिकायत की.

2013 की आपदा में केदारनाथ मंदिर को भारी नुक्सान पंहुचा था. उसके बाद से ही एएसआइ मंदिर की अवस्था को ठीक करने में जुटा है. मंदिर के अंदर और परिसर में एएसआइ कार्य कर रहा है. इसी मामले में पिछले हफ्ते से मंदिर की दीवारों का काम चल रहा है. स्थानीय पत्थरों से इस दिवार को बनाया जा रहा है और इस दीवार की ऊंचाई पांच फीट रखी गई है.

इस दीवार कार्य के चलते तीर्थ पुरोहित इसका विरोध कर रहे है. उनका कहना है कि मंदिर के सामने पांच फीट ऊंची दीवार खड़ी होने से दर्शनों को घंटों लाइन में खड़े रहने वाले भक्त मंदिर की भव्यता नहीं निहार पाएंगे.

इससे मंदिर की सुंदरता पर भी असर पड़ेगा. उनका कहना है कि अगर आगे कि दीवार की उचाई तीन फ़ीट रखी जाए तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन, पांच फ़ीट की दीवार का हम विरोध करते रहेंगे और इस दीवार को बनने नहीं देंगे. विरोध करने वालों में केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, तीर्थ पुरोहित कुबेरनाथ पोस्ती, राकेश शुक्ला, जगदीश तिवारी आदि शामिल थे.

बाद में तीर्थ पुरोहितों ने केदारनाथ पहुंची केंद्रीय पर्यटन सचिव रश्मि वर्मा के सम्मुख भी अपना विरोध दर्ज किया. केंद्रीय सचिव ने मौके पर मौजूद एएसआइ के अधिकारी राकेश ङ्क्षसह से इस मामले की जानकारी ली. राकेश ने जानकारी देते हुए कहा कि उच्चाधिकारियों की ओर से दीवार की उचाई पांच फ़ीट ही बताई गयी है और उसी के अनुसार काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि इससे मंदिर की सुंदरता प्रभावित होने का तर्क भी औचित्यहीन है. उधर, विरोध के चलते एएसआइ ने फिलहाल दीवार का निर्माण कार्य रोक दिया है. वर्तमान में मंदिर का फर्श बिछाने का कार्य किया जा रहा है.

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