देर रात कंट्रोल रूप में बैठकर यात्रा की मॉनीटरिंग कर रहे जिलाधिकारी

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रिपोर्ट : मोहित डिमरी

डीएम ने प्रजेंटेशन के जरिए दी सुविधाओं की जानकारी
यात्रियों से फीडबैक लेकर प्रशासन बना रहा आगे की रणनीति

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा को व्यवस्थित संचालित करने के लिए प्रशासन ने खाका खींच लिया है। इसके तहत यात्रा पड़ावों पर यात्रियों की सुविधा, सेवा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। देर रात्रि कंट्रोल रूम में बैठकर खुद जिलाधिकारी यात्रा की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। मंगलवार को कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बाकायदा प्रजेंटेशन के जरिए यात्रा पड़ावों पर प्रशासन द्वारा की जा रही सुविधाओं की जानकारी दी।

केदारनाथ यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों की निर्विघ्न और सुखद यात्रा के लिए जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने प्लान तैयार कर उस पर कार्रवाई शुरू कर दी है। पत्रकारों के सम्मुख प्रजेंटेशन देते हुए जिलाधिकारी श्री घिल्डियाल ने बताया कि यात्रियों की सहूलियत के लिए 16 किमी पैदल मार्ग पर जगह-जगह साइन बोर्ड लगा दिए गए हैं। सेक्टर मजिस्ट्रेट रोजाना अपने एरिया में निरीक्षण कर कम से कम डेढ़ सौ यात्रियों से बातचीत कर फीडबैक ले रहे हैं।

यात्रियों के फीडबैक के आधार पर प्रशासन अपनी व्यवस्थाएं जुटा रहा है। उन्होंने कहा कि वह समय मिलते ही रात के समय कंट्रोल रूम बैठकर सीसीटीवी कैमरे के जरिए यात्रा पड़ावों को देखते हैं। एक घटना का जिक्र करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि देर रात भीमबली में कुछ यात्री बाहर बैठे थे। वह यह सब सीसीटीवी कैमरे में देख रहे थे। उन्होंने वहां तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट को फोन कर बताया कि कुछ यात्री बाहर हैं, उनके लिए रहने की व्यवस्था करो। सेक्टर मजिस्ट्रेट का जवाब आया कि यहां कोई यात्री नहीं है। जब दोबारा फोन कर यह बताया कि वह यब सब कैमरे में देख रहे हैं तो सेक्टर मजिस्ट्रेट तुरंत मौके पर पहुंचे और यात्रियों के लिए रहने की व्यवस्था की। उन्होंने बताया कि पहली बार में सेक्टर मजिस्ट्रेट को सिर्फ हिदायत दी गई। आगे लापरवाही सामने आई तो सीधे कार्रवाई की जाएगी। सोनप्रयाग से केदारनाथ तक सीसीटीवी कैमरे के जरिए नजर रखी जा रही है। कंट्रोल रूप में कैमरे की रिकार्डिंग देखने के लिए कर्मचारी की तैनाती की गई है।

उन्होंने कहा कि हर रोज घोड़े-खच्चर, डंडी-कंडी, हेलीकॉप्टर से केदारनाथ जाने वाले यात्रियों की सूची प्राप्त की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रियों को ठंड से बचाने के लिए सौ इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट भी जल्द उपलब्ध हो जाएंगे।

पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद मीणा ने बताया कि एसडीआरफ के साथ ही पुलिस और पीआरडी के जवान पैदल मार्ग पर मौजूद डेंजर जोन में यात्रियों की सुरक्षा देख रहे हैं। यात्रा मार्ग पर बेतरतीब चल रहे घोड़े-खच्चरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। खराब मौसम को देखते हुए सोनप्रयाग और गौरीकुंड में यात्रियों के दबाव को कम करने के लिए यात्रियों को अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी, फाटा समेत अन्य पड़ावों पर रोक दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि ने यात्रियों की शिकायत के लिए अपनी मेल भी जारी की है। इस पर कुछ महिलाओं ने घोड़े-खच्चरों के संचालकों की शिकायत की है। अभी मामले की जांच चल रही है। जांच सही पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एलएंडटी कंपनी ने यात्रा के लिए हीटर और ग्लूकोनडी के पैकेट दिए

रुद्रप्रयाग। सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना का निर्माण कर रही एलएंडटी कंपनी ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए केदारनाथ यात्रा के लिए 30 हीटर और दो हजार ग्लूकोनडी के पैकेट दिए।

जिला सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12 एमआरपी (मेडिकल सेंटर) हैं। प्रत्येक एमआरपी में दो-दो हीटर दिए जाएंगे। इससे ठंड से यात्रियों को राहत मिलेगी। शेष हीटर केदारनाथ में रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि पैदल मार्ग पर चलते समय बुजुर्ग यात्रियों को थकान लग जाती है। ऐसे यात्रियों को ग्लूकोनडी उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी श्री घिल्डियाल ने एलएंडटी कंपनी से अपेक्षा करते हुए कहा कि संभव हो तो सीएसआर फंड के तहत चार हजार यात्रियों के लिए रैनकोट की व्यवस्था की जाय। इस मौके पर एलएंडटी के प्रबंधक अक्षय भारद्वाज ने प्रशासन को हीटर और ग्लूकोनडी सौंपते हुए कहा कि कंपनी केदारनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए प्रशासन की पूरी मदद करने के लिए तैयार है। आगे भी आवश्यकता पड़ी तो प्रशासन की हर संभव मदद की जाएगी।

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