इधर प्रत्याशियों की घोषणा, उधर कांग्रेस के प्याले में मचा तूफान

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  • कांग्रेस में नाराज दावेदारों के इस्तीफे का दौर शुरू 
  • देवप्रयाग से निर्दलीय चुनाव लड़ेगे शूरवीर सजवाण
  • आज कराएंगे सैकड़ों समर्थकों के साथ नामांकन

नई टिहरी: भाजपा के बाद अब कांग्रेस के प्याले में तूफान खड़ा हो गया है। प्रत्याशियों की लिस्ट जारी होते ही पार्टी में बगावत की आग भड़क गई है। प्रबल दावेदारों को टिकट न मिलने से आक्रोश में है। इधर कांग्रेस ने लिस्ट जारी की और उधर इस्तीफे का सिलसिला शुरू हो गया है। पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। टिहरी के कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूरज सिंह राणा और उनके समर्थकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। नाराज दावेदारों ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी रण में उतरने का भी ऐलान कर रहे हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह रावत ने टिकट न मिलने पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। वह देवप्रयाग सीट से टिकट के प्रबल दावेदार थे। पिछली बार भी वह इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर ही चुनाव लड़े थे। उन्होंने पार्टी हाईकमान को खूब खूरी खोटी सुनाई। कहा कि वह कांग्रेस के सच्चे सिपाही है, लेकिन हाईकमान ने टिकट न देकर कार्यकर्ता की आवाज को दबाने का काम किया है। उन्होंने ऐलान किया है कि वह कल को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कराएंगे। देवप्रयाग सीट पर कांग्रेस ने पीडीएफ नेता मंत्री प्रसाद नैथानी को टिकट दिया है। शूरवीर के चुनाव मैदान में उतरने से नैथानी की मुश्किलें बढ़ सकती है।

घनसाली सीट पर भी कांग्रेस के भाजपा के बागी भीम लाल आर्य को टिकट देने से बवाल खड़ा हो गया है। इस सीट पर कांग्रेस से शूरवीर लाल टिकट के प्रबल दावेदार थे। टिकट कटने से नाराज शूरवीर लाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ने को ताल ठोकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उनके साथ मजाक किया है, जिसका पार्टी को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। टिहरी और धनोल्टी सीट पर फिलहाल पार्टी ने कोई फैसला नहीं लिया है। लगता है कि इन दोनों सीटों पर कांग्रेस मंत्री दिनेश धनै और प्रीतम पंवार को वाक ओवर देने के मूड में है। यदि ऐसा होता है तो भी पीडीएफ मंत्रियों की जीतने की राह आसान नहीं होगी। नाराज नेता और कार्यकर्ता भाजपा या निर्दलीय प्रत्याशियों की ओर भी खिसक सकते हैं।

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दिवाकर भी करेंगे आज नामांकन

देवप्रयाग सीट से भाजपा के दिवाकर भट्ट टिकट के प्रबल दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इस सीट पर भाजपा ने पूर्व मंत्री मातबर सिहं कंडारी के भतीजे विनोद कंडारी को टिकट दिया है। जिससे दिवाकर भट्ट खासे नाराज हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें अप्रैलफूल बनाया है, जिसका भाजपा को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। पार्टी से नाराज चल रहे भट्ट आज अपने नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इससे पार्टी प्रत्याशी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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