मोबाइल ठीक न करने और महीनों चक्कर कटवाने के लिए माइक्रोमैक्स कंपनी पर जुर्माना

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अल्मोड़ा : ग्राहक का मोबाइल ठीक न करने और महीनों उसे चक्कर कटवाने पर उपभोक्ता फोरम ने माइक्रोमैक्स इन्फोरमेटिक्स न्यू दिल्ली पर 16600 रुपये का जुर्माना लगाया।

यहां इंद्रानगर कालोनी खत्याड़ी निवासी सीता राम ने 31 दिसंबर 15 को 9600 रुपेय में माइक्रोमैक्स 2394 मॉडल का मोबाइल खरीदा था। आरोप है कि एक साल की वारंटी वाला मोबाइल महज पांच माह में खराब हो गया।

इस पर सीता राम ने एलआर साह रोड स्थित सर्विस सेंटर में मोबाइल बनाने के लिए दिया। तीन दिन बाद मोबाइल ठीक करके दिया गया, लेकिन वह फिर खराब हो गया। अबकी सर्विस सेंटर ने मोबाइल के पार्ट्स दिल्ली से मंगाने की बात कहते हुए मोबाइल जमा कर लिया और उसे अगले वर्ष मई तक टरकाते रहे।

इस पर सीता राम ने सर्विस सेंटर और माइक्रोमैक्स कंपनी के खिलाफ मकदमा किया। सर्विस सेंटर ने अपने पक्ष में कहा कि कंपनी से ही पार्टस नहीं मिल पाए। इसकी वजह से वादी का मोबाइल ठीक नहीं किया जा सका।

उपभोक्ता फोरम ने मामले में कंपनी को दोषी मानते हुए मोबाइल की रकम के साथ मानसिक क्षतिपूर्ति व वाद व्यय के साथ 16600 रुपये जुर्माना ठोंका। साथ ही कहा अगर तय समय के अंदर जुर्माना अदा नही किया जाता तो छह प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज के साथ आरोपी को भुगतान करना होगा।

ग्राहक का मोबाइल ठीक न करने और महीनों उसे चक्कर कटवाने पर उपभोक्ता फोरम ने माइक्रोमैक्स इन्फोरमेटिक्स न्यू दिल्ली पर 16600 रुपये का जुर्माना लगाया।

यहां इंद्रानगर कालोनी खत्याड़ी निवासी सीता राम ने 31 दिसंबर 15 को 9600 रुपेय में माइक्रोमैक्स 2394 मॉडल का मोबाइल खरीदा था। आरोप है कि एक साल की वारंटी वाला मोबाइल महज पांच माह में खराब हो गया।

इस पर सीता राम ने एलआर साह रोड स्थित सर्विस सेंटर में मोबाइल बनाने के लिए दिया। तीन दिन बाद मोबाइल ठीक करके दिया गया, लेकिन वह फिर खराब हो गया। अबकी सर्विस सेंटर ने मोबाइल के पार्ट्स दिल्ली से मंगाने की बात कहते हुए मोबाइल जमा कर लिया और उसे अगले वर्ष मई तक टरकाते रहे।

इस पर सीता राम ने सर्विस सेंटर और माइक्रोमैक्स कंपनी के खिलाफ मकदमा किया। सर्विस सेंटर ने अपने पक्ष में कहा कि कंपनी से ही पार्टस नहीं मिल पाए। इसकी वजह से वादी का मोबाइल ठीक नहीं किया जा सका।

उपभोक्ता फोरम ने मामले में कंपनी को दोषी मानते हुए मोबाइल की रकम के साथ मानसिक क्षतिपूर्ति व वाद व्यय के साथ 16600 रुपये जुर्माना ठोंका। साथ ही कहा अगर तय समय के अंदर जुर्माना अदा नही किया जाता तो छह प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज के साथ आरोपी को भुगतान करना होगा।

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