खेलों में सुधार के लिए विज्ञान का सहारा जरूरी

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देहरादून। उत्तराखंड पुलिस स्पो‌र्ट्स कंट्रोल बोर्ड की ओर से स्पो‌र्ट्स साइंस पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने खेलों में विज्ञान की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उत्तराखंड में पहली बार हो रही स्पो‌र्ट्स साइंस कार्यशाला में पुलिस के 300 खिलाड़ियों व 30 कोच के साथ विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी भी भाग ले रहे हैं।

रेसकोर्स स्थित पुलिस लाइन में सोमवार को कार्यशाला के पहले दिन एनआइएस पटियाला के पूर्व वरिष्ठ खेल अधिकारी व मानव रचना स्पो‌र्ट्स साइंस सेंटर के डीन ऑफ अप्लाइड साइंस प्रो. जी.एल. खन्ना प्रस्तुतिकरण के माध्यम से खेलों में विज्ञान के महत्व व भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि खेलों में प्रदर्शन सुधारने के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाए जा रहे हैं। इसके जरिये खिलाड़ियों के प्रदर्शन में निखार, उनकी खामियों और इंजरी की रोकथाम की जा सकती है। हम खिलाड़ी तो तैयार कर सकते हैं, लेकिन बिना आधुनिक उपकरणों, उनकी शारीरिक संरचना के आधार पर प्रशिक्षण दिए बिना चैंपियन नहीं बना सकते। प्रशिक्षक को भी खेल विज्ञान जैसे बॉयोमैकेनिक्स, इंजरी की रोकथाम, फिजियोलॉजी आदि के बारे में ज्ञानवर्धन करना जरूरी है, तभी वह बेहतर खिलाड़ी तैयार कर सकते हैं। मानव रचना स्पो‌र्ट्स साइंस सेंटर फरीदाबाद के बॉयोमैकेनिक्स एक्सपर्ट डॉ. ग्रांट जेम्स वाटर्स (दक्षिण अफ्रीका) ने बायोमैकेनिक्स किस तरह खेलों में फायदेमंद है इसकी जानकारी दी। बताया कि खिलाडि़यों की मांसपेशियों, जोड़ों, हड्डियों की बनावट के आधार पर खिलाड़ियों की खामियों को दूर करने के साथ ही उसकी ताकत को बढ़ाया जा सकता है। कोर-स्टेच व सेंट्रल ग्रेविटी को संतुलित रख प्रदर्शन में सुधार किया जा सकता है। एनआइएस पटियाला के विशेषज्ञ व महाराणा प्रताप स्पो‌र्ट्स कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. एससी नेगी ने खिलाड़ियों की फिटनेस सुधारने के तरीकों की जानकारी दी। एनआइएस पटियाला के डॉ. सुनील पुरोहित ने खिलाड़ियों के संतुलित खान-पान व डॉ. दीपक मिश्रा ने स्पो‌र्ट्स साइकोलॉजी के बारे में बताया।

इससे पहले मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने पुलिस बल में खेलों से फिटनेस की संस्कृति, नेतृत्व क्षमता का विकास होने के साथ ही खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन से फोर्स का मनोबल भी बढ़ता है। पूर्व में खिलाड़ी के व्यक्तिगत कौशल पर उसका प्रदर्शन आधारित होता था। अब व्यक्तिगत कौशल के आधार ही राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त नहीं की जा सकती। स्पो‌र्ट्स साइंस की सहायता से एक खिलाड़ी को उसके उच्चतम स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कार्यशाला का पुलिस के खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा। और उनके प्रदर्शन में सुधार होगा। उत्तराखंड पुलिस स्पो‌र्ट्स कंट्रोल बोर्ड के सचिव एडीजी अशोक कुमार ने कहा कि राज्य में कुशल खिलाड़ियों के लिए पहली बार खेल विज्ञान कार्यशाला का आयोजन हो रहा है। कार्यशाला का मकसद खिलाड़ियों को जागरूक कर उनकी दक्षता बढ़ाना है। कार्यशाला का संचालन सहायक पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती ने किया। इस मौके पर अपर पुलिस महानिदेशक राम सिंह मीणा, आइजी संजय गुंज्याल सहित पुलिस अधिकारी व विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी मौजूद थे।

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